shiva puran katha aadmi ki aayu itni lambi kyu hoti hai

मनुष्य की उम्र इतनी लंबी क्यों है? – श्री शिव महापुराण कथा

जीवनकाल अर्थात जीवित मानव, पशु-पक्षियों आदि और निर्जीव पदार्थ के जन्म से लेकर उस पदार्थ की मृत्यु तक के समय को आयु या उम्र से संबोधित किया जाता है।

हर प्राणी के अलग-अलग उम्र होते हैं, लेकिन श्री शिव महापुराण कथा कहती है – कि मनुष्य की उम्र, गधा की उम्र, कुत्ता की उम्र और उल्लू की उम्र बराबर थी। सबकी उम्र बराबर थी 40-40 साल।

मनुष्य पहले 40 साल का था, गधा 40 साल का था, कुत्ता 40 साल का था, उल्लू 40 साल का था, सबकी उम्र बिल्कुल बराबर थी।

भगवान के यहां देर-अंधेर नहीं है, ऊचा-नीचा नहीं है, यह सब कुछ हम लोगों के यहां चलते हैं, भगवान के यहां नहीं।

भगवान ने सब की उम्र 40-40 रखी।

एक दिन गधा भगवान के पास आया और गधे ने भगवान से आकर कहा- महाराज हमारी उम्र 40 साल की दे दी, हम लोगों का बोझा ढोते-ढोते रहे। लोगों का वजन ढोते रहे। महाराज हमारी उम्र बिल्कुल आधी कर दो, हमें इतनी लंबी उम्र नहीं चाहिए।

भगवान ने कहा- ठीक है गधा आज से तू 20 साल का। गधा का उम्र 20 साल हो गया।

थोड़ी देर बाद मनुष्य आया और बोला भोलेनाथ 40 में मेरा क्या होगा। भगवान ने पूछा गधे की बची है, मनुष्य ने कहा दे दो भगवान। भगवान ने कहा ले जाओ। मनुष्य का उम्र 60 साल हो गया।

थोड़ी देर बाद कुत्ता आ गया। कुत्ता शंकर जी से आकर बोला भोलेनाथ, शंकर भगवान ने पूछा अब तुझे क्या हो गया?
महाराज 40 साल कि उम्र दे दी, लोगों के दरवाजे पर बैठता रहूँ। दरवाजे पर बैठकर जूठन चाटु, दरवाजे पर बैठकर रोटी खाऊ, दरवाजे पर दुम हिलाऊ और दरवाजे पर से चिलाऊ। महाराज मेरी उम्र कम कर दो, भगवान ने कहा ठीक है कुत्ता आज से तु 20 साल का।

थोड़ी देर बाद मनुष्य फिर आता है, भोलेनाथ 60 साल में क्या होगा। भगवान ने कहा कुत्ता की बची है, मनुष्य कहा चल जाएगा। अब मनुष्य का उम्र 80 हो गया।

थोड़ी देर बाद उल्लू आया, उल्लू ने आकर के कहा भोलेनाथ- भगवान शंकर ने पूछा तुझे क्या हो गया?
भगवान 40 साल की उम्र दे दी रात-रात भर जगता रहूं, पेड़ पर टंगा रहूं, रात-रात भर मुझे नींद नहीं आती। भोलेनाथ मुझे रात भर चौकीदारी करना पड़ता है। रात भर पेड़ पर बैठा रहता हूं। मेरी उम्र कम कर दो। भगवान ने कहा कितनी उम्र कम कर दू? बिल्कुल आधी कर दो। भगवान ने उल्लू की उम्र बिल्कुल आधी कर दी। उल्लु का उम्र 20 साल हो गया।

थोड़ी देर बाद अब मनुष्य आकर बोला भोलेनाथ 80 साल में मेरा क्या होगा?
भगवान ने कहा उल्लू की बची है, चलेगी?
ले जाओ। मनुष अब 100 साल का हो गया।

श्री शिव महापुराण कथा कहती है- कि 40 वर्ष तक मनुष्य अपनी जिंदगी को सही जीता है। खुब खाता है, आराम से पचता है। सब चकाचक रहता है, क्योंकि 40 वर्ष तक की जिंदगी उसकी है।
उसके बाद किसकी लगी थी गधे की 40 से 60 तक मनुष्य गधे जैसा बोझा ढोता है। बच्चों को बड़ा करता है, शादी करने का टेंशन रहता है, परिवार को पालता है। तो बुझा ढोता रहा है, जैसे गधा बोझा ढोता है वैसे ही 60 तक बोझा ढोता है।

60 के बाद उम्र किसकी लगी कुत्ता कि। जब तुम्हारी 80 की उम्र हो तो घर के लोग कुर्सी डाल के खटिया, पलंग दरवाजे के पास बिठा देंगे। और रोटी भी दरवाजे के पास, चाय भी दरवाजे के पास और कोई भी मिलने आया तो वहीं से चिल्लाया बहू। वैसे ही आवाज में क्योंकि कुत्ते की उम्र है।

80 से 100 तक उल्लू की उम्र। डॉक्टर साहब मुझे रात में नींद नहीं आती डॉक्टर साहब ने नींद की गोली दे दी। कितने भी बड़े बड़े डॉक्टर को दिखा लेना 80 से 100 साल तक की उम्र में आपको नींद नहीं आएगी।

श्री शिव महापुराण कहती है 80-100 में कितने भी दवाई खाओ, कितने भी ईजेक्शन लगाओ पर रात्रि को नींद नहीं आएगी। कुछ दवाइयां खाने के बाद अगर नींद आएगी भी तो 1:00 से 1:30 तक नींद आएगी उसके बाद 2:00 बजे के बाद से उल्लु कि तरह टुकुर-टुकुर देख कर रात गुजरेगी।

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