आरएसएस के सदस्य कैसे बनते हैं? आरएसएस की सम्पूर्ण जानकारी।

आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। यह हिन्दी राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता है। लगभग हर जगह आपको आरएसएस की शाखा देखने को मिलेगा। यह अभी विश्व की सबसे बड़ी गैर सरकारी संगठन है।आरएसएस के अंदर बहुत से संगठन आते हैं। इसके साथ कई स्कूल और कॉलेज भी जुड़े हुए हैं। 

तो चलिए कुछ प्रश्नों के साथ हम आरएसएस के बारे में संपूर्ण जानकारी की प्राप्ति करते हैं। 

आरएसएस का पूरा नाम क्या होता है?

आरएसएस का पूरा नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ होता है । सरसंघचालक आरएसएस के प्रमुख होते हैं और उनके द्वारा ही अगला सरसंघचालक तय किया जाता है।  

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आरएसएस के सरसंघचालक कौन थे और कौन हैं?

  • केबी हेडगेवार
  • लक्ष्मण वामन परांजपे
  • एमएस गोलवलकर
  • मधुकर दत्तात्रेय डियोरस
  • राजेन्द्र सिंह 
  • कस सुदर्शन
  • मोहन भागवत जी जो अभी भी अपने कार्य पर कार्यरत हैं।

आरएसएस का गठन कब हुआ था और किसने किया था?

आरएसएस की स्थापना डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयदशमी के दिन 27 सितम्बर 1925 को नागपुर में किए थे। बलिराम जी कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए थे जिन्होंने तिलक और सर्वाकर जी के साथ कई सत्याग्रह आंदोलन भी किए। स्थापना के समय केवल इसका नाम संघ था परन्तु 1926 में आरएसएस नाम रखा गया था। 

आरएसएस का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य भारत को विश्व शक्ति और परम वैभव बनाना है। इस संघ का निर्माण खोए हुए संस्कार और अपने बच्चों को संस्कार देना है। कभी भी आपदा आने पर यह हर धर्म के लोगों के लिए बढ़ चढ़कर मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं।

आरएसएस की शाखा कितने देशों में लगती है?

लगभग अस्सी(80) से अधिक देशों में संघ का संचालन होता है। बहुत सारे देशों में तो नाम बदल कर भी संचालन किया जाता है। 

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आरएसएस के सदस्यों का ड्रेस कॉड क्या होता है?

काला टोपी,उजला शर्ट और भुरा पैंट। नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि आरएसएस की प्रार्थना होती है। 

आरएसएस का सदस्य कोई भी कैसे बन सकता है?

  • आरएसएस की वेबसाइट पर जाकर एक फार्म को भरना है।  
  • कुछ दिन पश्चात आपको एक मैसेज आयेगा की आप आरएसएस के सदस्य बन चुके हैं।
  • उसके बाद आप अपने नजदीकी आरएसएस के सखा से आईडी कार्ड लेना होगा। 

अथवा

  • आप अपने नजदीकी आरएसएस सखा से भी फॉर्म लेकर भर सकते हैं। आरआरएस का सदस्य बनने के लिए कोई भी चार्ज नहीं लगता है। 

आरएसएस से जुड़ने के कुछ लाभ

यदि देखा जाए तो इसमें कोई लाभ नहीं मिलती है। इससे जुड़े लोग समाज के लाभों के लिए काम करते हैं। इसलिए इसमें कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं मिलती। इससे जुड़ कर हम समाज सेवा कर सकते हैं जो कि आज के समय में सबसे बड़ा धर्म माना जाता है। आरएसएस से जुड़ने के बाद आप जाती भेदभाव जरूर भूल जाएंगे। 

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संघ परिवार क्या होता है?

35 संघों का एक समूह को संघ परिवार करते हैं। ये सभी आरएसएस के अन्तर्गत आते हैं।

इन 35 संघों के पांच प्रमुख नाम:- 

  • भारतीय जनता पार्टी
  • भारतीय किसान संघ
  • भारतीय मजदूर संघ
  • राष्ट्रीय सेविका समिति 
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद

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